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खैरात लेने आ गए मंग्तय तुम्हारे ख्वाजा
खैरात लेने आ गए मंग्तय तुम्हारे ख्वाजा
भर दीजिये दामन मुरादों से हमारे ख्वाजा
मेरे ख्वाजा पिया मेरे ख्वाजा पिया
मंगतों की रख ले लाज करदे सब मुरादें पूरी
दामन पसारे आगये तेरे द्वारे ख्वाजा
मेरे ख्वाजा पिया मेरे ख्वाजा पिया
खैरात लेने आ गए मंग्तय तुम्हारे ख्वाजा
मायूस जाता ही नहीं कोई तुम्हारे दर से
हम को भि दय हस्नैन कय सर कय उतारे ख्वाजा
मेरे ख्वाजा पिया मेरे ख्वाजा पिया
खैरात लेने आ गए मंग्तय तुम्हारे ख्वाजा
तुने कि हाँ मदद की हाँ मदद की तुने
कुर्बान तेरे जब भि तड़प कर हम पुकारे ख्वाजा
मेरे ख्वाजा पिया मेरे ख्वाजा पिया
खैरात लेने आ गए मंग्तय तुम्हारे ख्वाजा
अज्मैर का दरबार दिखलाके सुनाऊ कर
रो रो के हाल-ए-दिल मै फिर तेरे द्वारे ख्वाजा
मेरे ख्वाजा पिया मेरे ख्वाजा पिया
खैरात लेने आ गए मंग्तय तुम्हारे ख्वाजा
देता हू तुझ को वास्ता ग़ोउस-उल-वरा का मुझ को
फिर मस्जिद-ए-नबवी णब्वि के दिख्लादे मीनारें ख्वाजा
मेरे ख्वाजा पिया मेरे ख्वाजा पिया
खैरात लेने आ गए मंग्तय तुम्हारे ख्वाजा
हस्रत ऊबैद क़ादरी को दीद कि हय मुर्शद
हस्रत फ़रहान क़ादरी को दीद कि हय मुर्शद
लिल्लाह निकाब-ए-रुख उथा दे प्यारे प्यारे ख्वाजा
मेरे ख्वाजा पिया मेरे ख्वाजा पिया
खैरात लेने आ गए मंग्तय तुम्हारे ख्वाजा
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