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वोह दिन आये गा इक बर में मदीने जाऊँगा
वोह दिन आये गा इक बर में मदीने जाऊँगा
करने रौज़े का दीदार में मदीने जाऊँगा
शाह-ए-मदीना रेह्मत-ए-आलम नबियों के सरदार
देखें कब दिखलायें अपना नूरानी दरबार
में तो हू कब से तैयार में मदीने जाऊँगा
वोह दिन आये गा इक बर में मदीने जाऊँगा
मुझ को यक़ीन है करम करेंगे आमिना बीबी के लाल
ऊन को तो मलूम है मेरे दिल का हाल
कहते है दिल के तार में मदीने जाऊँगा
वोह दिन आये गा इक बर में मदीने जाऊँगा
क्या ग़म है के जकडे हुए हैं दूरी की ज़ंजीर
मिल जाएगी मुझको मेरे ख़्वाबों की ताबीर
जिस दिन चाहेंगे सरकार में मदीने जाऊँगा
वोह दिन आये गा इक बर में मदीने जाऊँगा
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