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ए सब्ज़ गुंबद वाले मंज़ूर दुआ करना
ए सब्ज़ गुंबद वाले मंज़ूर दुआ करना
जब वक़्त-ए-नज़ा आये दीदर अता करना
ए नूर-ए-ख़ुदा आ कर आँखों में समा जाना
या दर पे बुला लैना या खुवाब में आ जाना
ए पर्दा नशीं दिल के पर्दे मै रहा करना
जब वक़्त-ए-नज़ा आये दीदर अता करना
मै क़ब्र अँधेरी मै घबराऊँ गा जब तन्हा
इमदाद मेरी करने आ जाना मेरे आक़ा
रोशन मेरि तुर्बत को अये नूर-ए-ख़ुदा करना
जब वक़्त-ए-नज़ा आये दीदर अता करना
मुज्रिम हू जहाँ भर का मेह्शर मै भरम रख्ना
रुस्वाए ज़मना हू दामन मै छुपा लैना
मक़्बूल दुआ मेरि अये नूर-ए-ख़ुदा करना
जब वक़्त-ए-नज़ा आये दीदर अता करना
चेहरे से जिया पायी इन चाँद सितारों ने
ईस दर सय शिफा पाई दुख दर्द के मारों नै
अता है उन्हें साबिर हर दुख कि दवा करना
जब वक़्त-ए-नज़ा आये दीदर अता करना
जब वक़्त-ए-नज़ा आये दीदर अता करना
ए सब्ज़ गुंबद वाले मंज़ूर दुआ करना
जब वक़्त-ए-नज़ा आये दीदर अता करना
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