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या मुस्तफा या मुस्तफा या मुस्तफा
या मुस्तफा या मुस्तफा या मुस्तफा
तू है आशिक -ए -नबी सब को यह बताये जा
मुस्तफा के इश्क मैं महफिलें सजाये जा
जश्न -ए -आमद -ए -नबी दिल से तू मनाये जा
या मुस्तफा या मुस्तफा या मुस्तफा
दामन -ए -नबी पकड़ और खुदा का नाम ले
परचम -ए -नबी को तू आगे बढ के थाम ले
नारा -ए -मुहम्मदी ज़ोर से लगाये जा
या मुस्तफा या मुस्तफा या मुस्तफा
गुफ्तगू की इब्तदा कर तू लफ्ज़ तौल कर
दिल सभी का जीत ले मीठे बूल बौल कर
जिन से तुझ को इश्क है इनके गीत गाए जा
या मुस्तफा या मुस्तफा या मुस्तफा
मुर्शादी की बात को अपने पले बांध ले
सामने जो आयें वोह उन् को हाथों हाथ ले
ऊंचा रूतबह प़ा के तू मर्तबा बढाए जा
या मुस्तफा या मुस्तफा या मुस्तफा
बाग़ों मैं बहिश्त के रात दिन तू घूमा कर
अपने वालिदैन के हाथ पाऊं चूम कर
बख्त को जगाये जा दिल मैं घर बनाये जा
या मुस्तफा या मुस्तफा या मुस्तफा
प्यार कर तू बच्चों से इज़तैन बड़ों की कर
दामन -ए -मुराद को अपने तू दुआ से भर
सीरत -ए -नबी से तू फ़ायदा उठाये जा
या मुस्तफा या मुस्तफा या मुस्तफा
यौम -ए -मुस्तफा तुझे अब के यूं मनाना है
सब्ज़ पर्चामों से घर खूब तर सजाना है
जश्न -ए -आमद -ए -नबी दिल से तू मनाये जा
या मुस्तफा या मुस्तफा या मुस्तफा
खुश नसीबी है तेरी तुझ को यह सुखन मिला
शाएर -ए -अली तुझे यह महकता हुआ फन मिला
उन से लोउ लगा के तू दिल को जगमगाए जा
या मुस्तफा या मुस्तफा या मुस्तफा
तू है आशिक -ए -नबी सब को यह बताये जा
मुस्तफा के इश्क मैं महफ़िलें सजाये जा
जश्न -ए -आमद -ए -नबी दिल से तू मनाये जा
या मुस्तफा या मुस्तफा या मुस्तफा
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