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अल्लाह-हु-अकबर अल्लाह-हु-अकबर
अल्लाह-हु-अकबर अल्लाह-हु-अकबर अल्लाह-हु-अकबर अल्लाह-हु-अकबर
हम सब पर जिस का है साया वोह रेह्मत बन कर है आया
आये प्यारे नबी के दीवनो मिलाद का मोसम है आया
तू अब्दुल्लाह का प्यारा है तेरे तुम से नूर ये सरा है
तू ने रेह्मत का मिह बरसाया
तेरा सेहरा हूरों ने गाया
तू ने हक़ का रस्ता दिखलाया
अल्लाह-हु-अकबर अल्लाह-हु-अकबर अल्लाह-हु-अकबर अल्लाह-हु-अकबर
हुम सब पे तेरी इनायत है
तेरी हर इक बात सदाक़त है
तेरे कांधे पे कमली काली है
तू सब दुखियों का वाली है
तुझे अर्श पे रब ने बुलवाया
अल्लाह-हु-अकबर अल्लाह-हु-अकबर अल्लाह-हु-अकबर अल्लाह-हु-अकबर
तू हस्सन-ओ-हुस्सैन का है नना
तेरे दीन को सब ने है माना
कम्ज़ूर का बोझ उठाया है
दुखियों को गले से लगाया है
तू ने आला रुत्बा है पाया
अल्लाह-हु-अकबर अल्लाह-हु-अकबर अल्लाह-हु-अकबर अल्लाह-हु-अकबर
तू ने सदिक़ पे भि करम है किया
बिन मांगे इस को इतना दिया
दुखियों की झोली भरता है
मैरा रब वोह पूरा करता है
तू ने लब से जो भी फ़रमाया
अल्लाह-हु-अकबर अल्लाह-हु-अकबर अल्लाह-हु-अकबर अल्लाह-हु-अकबर |