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आ गए आ गए मुस्तफा आ गए
आ गए आ गए मुस्तफा आ गए
आज दुनिया में ख़ैर-उल-वरा आ गए
बज़्म-ए-कोनैन में हर तरफ शोर है
मुस्तफा आ गए मुजतबा आ गए
अर्श वाले मुबारक देने लगे
फ़र्श वालो हबीब-ए-ख़ुदा आ गए
कोन दैता है देने को मूह चाहिए
देने वाला है सच्चा हमारा नबी
क्या खबर कितने तारे खिले छुप गए
पर ना डूबे ना डूबा हमरा नबी
हर तरफ है नियाज़ी सामान ईद का
मुस्तफा आ गए मुजतबा आ गए
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