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अल्लाह नबी के प्यारो उठो ए रोजेदारो
अल्लाह नबी के प्यारो उठो ए रोजेदारो
मोक़ा येह फिर मिला हय तुम आकिबत संवारो
उठो के बरकतों का फिर आगया महीना
नाज़िल हुआ है इस में कुरान का खज़ीना
आओ नमाज़ पढ़ कर कुरान तुम उथा लो
अल्लाह नबी के प्यारो उठो ए रोजेदारो
मोक़ा येह फिर मिला हय तुम आकिबत संवारो
ऊथो अये मोमिनो तुम ये नैक काम कर लो
वक़्त-ए-सेहर हय आया कुछ एहतेमाम कर लो
रामदान का महीना यूंही ना तुम गुजारो
अल्लाह नबी के प्यारो उठो ए रोजेदारो
मोक़ा येह फिर मिला हय तुम आकिबत संवारो
तस्बीह तुम ख़ुदा कि करते रहो हमैशा
हय बादशाह उसी से डरते रहो हमैशा
बतलाये जो नबी ने वोह साड़ी बातें मानो
अल्लाह नबी के प्यारो उठो ए रोजेदारो
मोक़ा येह फिर मिला हय तुम आकिबत संवारो
बस येह नही है काफी तुम भूके प्यासे रेह्ना
कार-ए-हराम से भी पर्हैज़ करते रेह्ना
ख़ुश्नोदि-ए-ख़ुदा मै रोजे का हक़ अदा हो
अल्लाह नबी के प्यारो उठो ए रोजेदारो
मोक़ा येह फिर मिला हय तुम आकिबत संवारो
आये मोमिनो हसद सय घीबत सय बच्तय रेह्ना
बय जा किसि पेह हर गिज़ ज़ुल्म ओ सितम न ढाना
तालीम-ए-हक़ यहि हय हक़ ना किसि का मारो
अल्लाह नबी के प्यारो उठो ए रोजेदारो
मोक़ा येह फिर मिला हय तुम आकिबत संवारो
झूट और बदगुमानी से इज्तनब कर्ना
गर कर सको तो अपना खुद एहतेसाब करना
जो कुछ गलत किया उसकी माफ़ी मांगो
अल्लाह नबी के प्यारो उठो ए रोजेदारो
मोक़ा येह फिर मिला हय तुम आकिबत संवारो
छोड़ो लड़ाई झगडे गाली गलोच गाने
मोमिन वोहि हय सच्चा हक़ बात को जो माने
अपने गुनाहों पर तुम तोबाह के पर्दे डालो
अल्लाह नबी के प्यारो उठो ए रोजेदारो
मोक़ा येह फिर मिला हय तुम आकिबत संवारो
ए सरफ़राज़ येह लिखो कम तोल्ना नहीं तुम
जायेद मुनाफे लेकर कुछ बेचना नहीं तुम
रिज्क़-ए-हलाल खाओ ईमान को बचा लो |