मेरी धड़कन में या नबी
मेरी धड़कन में या नबी मेरी साँसों में या नबी
मेरी धड़कन में या नबी मेरी साँसों में या नबी
बोलो या नबी या नबी या नबी
कोई गुफ्तगू हो लब पर तेरा नाम आ गया है
तेरा ज़िक्र करते करते यह मक़ाम आ गया है
मेरी धड़कन में या नबी मेरी साँसों में या नबी
बोलो या नबी या नबी या नबी
दरे मुस्तफा का मंज़र मेरी चश्मे तर के अन्दर
कभी सुबहो आ गया है कभी शाम आ गया है
मेरी धड़कन में या नबी मेरी साँसों में या नबी
बोलो या नबी या नबी या नबी
यह तलब थी अम्बिया की रूखे मुस्तफा को देखें
यह नमाज़ का वसीला उन्हें काम आ गया है
मेरी धड़कन में या नबी मेरी साँसों में या नबी
बोलो या नबी या नबी या नबी
दो जहाँ की नेमतों से तेरे दर से जो भी माँगा
मेरे दामने तलब में वो तमाम आ गया है
मेरी धड़कन में या नबी मेरी साँसों में या नबी
बोलो या नबी या नबी या नबी
वो जो पी के शेख सादी बलाग़ल ऊला पुकारे
मेरे दस्ते नातवां में वही जाम आ गया है
मेरी धड़कन में या नबी मेरी साँसों में या नबी
बोलो या नबी या नबी या नबी
वो अदीब जिस ने महशर में बपा किया है महशर
वो कहे के आओ देखो यह ग़ुलाम आ गया है
मेरी धड़कन में या नबी मेरी साँसों में या नबी
बोलो या नबी या नबी या नबी
या नबी या नबी या नबी
या नबी या नबी या नबी
या नबी या नबी या नबी
या नबी या नबी या नबी