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दर पेश हो तैबा का सफर कैसा लगेगा
दर पेश हो तैबा का सफर कैसा लगेगा
दर पेश हो तैबा का सफर कैसा लगेगा
गुजरें जो वहाँ शामो सहर कैसा लगेगा
बडा अच्छा लगेगा बडा प्यारा लगेगा बडा मीठा लगेगा (कोरस)
ऐ काश मदीने में मुझे मौत यूँ आये
कदमों में हो सरकार के सर कैसा लगेगा
बडा अच्छा लगेगा बडा प्यारा लगेगा बडा मीठा लगेगा (कोरस)
ऐ प्यारे खुदा देखूँ मैं सरकार का जलवा
मिल जाऐ दुआ तो जो असर कैसा लगेगा
बडा अच्छा लगेगा बडा प्यारा लगेगा बडा मीठा लगेगा (कोरस)
आका का गदा हूँ ऐ जहन्नुम भी तू सुन ले
वो कैसे जले जो के ग़ुलामे मदनी हो
ए काश मैं बन जाऊँ मदीने का मुसाफिर
फिर रोती हुई तैबा को बरात चली हो
जब दूर से है इतना हसीं गुम्बदे ख़जरा
इस पार यह आलम है उधर कैसा लगेगा
बडा अच्छा लगेगा बडा प्यारा लगेगा बडा मीठा लगेगा (कोरस)
तैबा की सआदत तो यूँ पाते हैं हजारों
मुर्शिद का साथ हो जो सफर कैसा लगेगा
आ जाऐं मेरे घर में अगर रहमते आलम
मैं कैसा लगूँगा मेरा घर कैसा लगेगा
बडा अच्छा लगेगा बडा प्यारा लगेगा बडा मीठा लगेगा (कोरस)
दरपेश हो तैबा का सफर कैसा लगेगा
गुजरें जो वहाँ शामो सहर कैसा लगेगा
बडा अच्छा लगेगा बडा प्यारा लगेगा बडा मीठा लगेगा (कोरस)
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