farhan ali qadri
Home | Video | Audio | Albums | Latest Album | Gallery | Forum | Guest Book | Search | Tell A Friend | Contact
Title Bookmark and Share farhan ali qadri


Farhan Ali Qadri - या रब नसीब हो दरे महबूब पर क़याम
        Hindi Lyric
  Audio   Roman   Hindi   Urdu

या रब नसीब हो दरे महबूब पर क़याम

सल्ले अला नबियेना सल्ले अला मुहम्मदिन
या रब नसीब हो दरे महबूब पर क़याम
तैबा के रात दिन हों मदीने के सुबहो शाम
गुज़रे हयात ख्याले रसूले करीम में
चूमे निगाह बामो दर सय्यद–उल–अनाम
सल्ले अला नबियेना सल्ले अला मुहम्मदिन
अल्लाह से थीं तूर पे बातें कलीम की
सरकार लामकां में हुए हक़ से हम कलाम
सल्ले अला नबियेना सल्ले अला मुहम्मदिन
इस बारगाहे पाक़ की अल्लाह रे अज्मतें
जिस बारगाहे पाक का जिब्रील है ग़ुलाम
सल्ले अला नबियेना सल्ले अला मुहम्मदिन
बेहतर है सारी सुबहों से तैबा की इक सुबह
अफज़ल है सारी शामों से तैबा की इक शाम
सल्ले अला नबियेना सल्ले अला मुहम्मदिन
मिलती रहे फ़कीर को तेरे करम की भीख
हासिल रहे ग़रीब को कैफि़यत बादम
दोनों जहाँ में तेरे सिवा और कौन है
मौलाए कुल शफीऐ उमम रहमतिश तमाम
सल्ले अला नबियेना सल्ले अला मुहम्मदिन
हल हो गई है मुश्किल मुझ खस्ता हाल की
जब भी ज़बान पे आया है मुश्किल कुशा का नाम
सल्ले अला नबियेना सल्ले अला मुहम्मदिन
इन पर दुरूद जिन से है क़ाबा की आबरू
इन पर सलाम जिन से मदीना नेक नाम
सल्ले अला नबियेना सल्ले अला मुहम्मदिन
या रब नसीब हो दरे महबूब पर क़याम
तैबा के रत दिन हों मदीने के सुबहो शाम

Copyright © 2007 - 2017 - Powered by Net is Host