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आँखों में बस गया है मदीना हुज़ूर का
आँखों में बस गया है मदीना हुज़ूर का
बेक़स का आसरा है मदीना हुज़ूर का
फिर जा रहे हैं अहले मुहब्बत के क़ाफिले
फिर याद आ रहा है मदीना हुज़ूर का
आँखों में बस गया है मदीना हुज़ूर का
बेक़स का आसरा है मदीना हुज़ूर का
नबियों में जैसे अफ्ज़लो आला हैं मुस्तफा
शहरों में बादशाह है मदीना हुज़ूर का
आँखों में बस गया है मदीना हुज़ूर का
बेक़स का आसरा है मदीना हुज़ूर का
जब से क़दम पडे हैं रिसालत मआब के
जन्नत बना हुआ है मदीना हुज़ूर का
आँखों में बस गया है मदीना हुज़ूर का
बेक़स का आसरा है मदीना हुज़ूर का
कुदसी भी चूमते हैं अदब से यहाँ की खाक
क़िस्मत पे झूमता है मदीना हुज़ूर का
आँखों में बस गया है मदीना हुज़ूर का
बेक़स का आसरा है मदीना हुज़ूर का
हो नाज़ क्यों न इस को नियाज़ी नसीब पर
जिस को भी मिल गया है मदीना हुज़ूर का
आँखों में बस गया है मदीना हुज़ूर का
बेक़स का आसरा है मदीना हुज़ूर का
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