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मरहबा या रसूल अल्लाह मरहबा या रसूल अल्लाह
मरहबा या रसूल अल्लाह मरहबा या रसूल अल्लाह
आगए हैं मेरे आक़ा मरहबा या रसूल अल्लाह
मरहबा या रसूलअल्लाह मरहबा या रसूल अल्लाह
आज है सुभ-ए-बहरान आज हर कोइ पुकारा
ऐसा ये दिन है निखारा मरहबा या रसूल अल्लाह
मरहबा या रसूल अल्लाह मरहबा या रसूल अल्लाह
आगए हैं मेरे आक़ा मरहबा या रसूल अल्लाह
मरहबा या रसूलअल्लाह मरहबा या रसूल अल्लाह
डूबतों का हय किनारा जो गिरों का है सहारा
जिसनै ज़ुल्मत को हय मारा मरहबा या रसूल अल्लाह
मरहबा या रसूलअल्लाह मरहबा या रसूल अल्लाह
आगए हैं मेरे आक़ा मरहबा या रसूल अल्लाह
मरहबा या रसूलअल्लाह मरहबा या रसूल अल्लाह
जिस को खुद रब नै सजाया पैकर-ए-हुस्न बनाया
यहि तो है मेरे आक़ा मरहबा या रसूल अल्लाह
मरहबा या रसूलअल्लाह मरहबा या रसूल अल्लाह
आगए हैं मेरे आक़ा मरहबा या रसूल अल्लाह
मरहबा या रसूलअल्लाह मरहबा या रसूल अल्लाह
जिस को रब नै हय बुलाया अपना दीदार कराया
वोहि हय रब को प्यारा मरहबा या रसूल अल्लाह
मरहबा या रसूलअल्लाह मरहबा या रसूल अल्लाह
आगए हैं मेरे आक़ा मरहबा या रसूल अल्लाह
मरहबा या रसूलअल्लाह मरहबा या रसूल अल्लाह
आज है अर्श भी झूमा जिस नै हय फर्श को चूमा
हर गलि को संवारा मरहबा या रसूल अल्लाह
मरहबा या रसूल अल्लाह मरहबा या रसूल अल्लाह
आगए हैं मेरे आक़ा मरहबा या रसूल अल्लाह
मरहबा या रसूल अल्लाह मरहबा या रसूल अल्लाह
अली नै फन हय येह पाया नात लिख्ना उसे आया
जिस नै हय आज पुकारा मरहबा या रसूल अल्लाह
मरहबा या रसूल अल्लाह मरहबा या रसूल अल्लाह
आगए हैं मेरे आक़ा मरहबा या रसूल अल्लाह
मरहबा या रसूल अल्लाह मरहबा या रसूल अल्लाह |