उजाला तू मेरे घर का हलीमा लोरी देती हाय
मेरे नोरे नज़र सो जा हलीमा लोरी देती हाय
चमक चंदा से हाय जिअदा महक फूलों से हाय जिअदा
कशिश सोराज से हाय जिअदा चमक तरून से हाय जिअदा
दमक तरून से हाय जिअदा
कोई तुझ सा कहाँ दूजा हलीमा लोरी देती हाय
उजाला तू मेरे घर का हलीमा लोरी देती हाय
रूखे अनवर पे आका के दिलो जान से फ़िदा हो कर
कभी बोसा ले हाथों पर कभी बोसा ले चेहरे पर
बनाये तकिया बनहूं का हलीमा लोरी देती हाय
उजाला तू मेरे घर का हलीमा लोरी देती हाय
अदब से पास बिठला कर हलीमा पिअर करती हाय
गले से खूब चिंता कर हलीमा पिअर करती हाय
मेरे लखते जिगर सो जा हलीमा लोरी देती हाय
उजाला तू मेरे घर का हलीमा लोरी देती हाय
अमानत अमीना की हाय हलीमा लोरी देती हाय
वूह जिस के हस्सन के सदके हुवा आलम उजाला तर
वूह मेरे घर का रखवाला हलीमा लोरी देती हाय
उजाला तू मेरे घर का हलीमा लोरी देती हाय
हवाज़ं के कबीले खुश नसीबी हाय तेरी वल्लाह
हुवा हाय अमीना का लाल तुझ मैं जलवा गर सू नॉन
ज़माने भर मैं हाय हूहरा हलीमा लोरी देती हाय
उजाला तू मेरे घर का हलीमा लोरी देती हाय
फजैएँ गीत गति हैं हवैएँ दुफ्फ़ बजती हैं
ज़मीन की मुसरातैन देखो ख़ुशी से गुनगुनाती हाय
फजाए दिल पेय हाय नाघ्मा हलीमा लोरी देती हाय
उजाला तू मेरे घर का हलीमा लोरी देती हाय
हलीमा इस लाल की ऐसी होई शैदा
सिवा उस के ज़माने मैं दिखी कुछ नहीं देता
उजागर चूम कर चेहरा हलीमा लोरी देती हाय
उजाला तू मेरे घर का हलीमा लोरी देती हाय